रिमझिम रिमझिम सावन आया
वसुधा पर छाई हरियालीखेतों में भी रंगत आई |
धरती के आँगन में बिखरी
मखमल-सी हरियाली छाई ||
रिमझिम-रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
सावन मन बहकाता जाए |
साजन लौट जब घर आये
गाल गुलाबी रंगत लाये ||
रिमझिम-रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
जिया पिया का खिलखिल जाए
नयनों से अमरित बरसाए |तन मन में यौवन छा जाए
पिया मिलन के पल जब जाए ||
रिमझिम-रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
साजन ने गजरे में गूंथा
गेंदे की मुस्काई कलियाँ |बागों में झूला डलवाया
झूला झूले सारी सखियाँ ||
रिमझिम-रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
मस्त मधुर यौवन गदराया |
मटक-मटक कर चमके बिजुरी
सजनी का भी मन इतराया ||
रिमझिम-रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
चंद्रमुखी सी सजती सखियाँ
शिव गौरी की पूजा करती
मेहंदी रचे हाथों से सखियाँ |
रिमझिम-रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
नवल वस्त्र में सजकर सखियाँ |
झूम-झूम कर नाचे गावें
दृश्य देख हर्षाएं रसियाँ ||
रिमझिम रिमझिम सावन आया
वन उपवन में यौवन छाया |
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